सुकून का रिश्ता
जरूरी नहीं कि हर रिश्ता आपके लिए प्यार ही लेकर आए। कुछ रिश्ते सुकून भी लाते हैं, जिनका कोई नाम नहीं होता। क्योंकि उन्हें नाम देने की जरूरत नहीं होती। नाम देने से शायद वह सुकून मिट जाए! इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में सुकून के पल बहुत कम लोगों को नसीब होते हैं। इसलिए, जो रिश्ता सुकून देता हो उसे नाम देने की गलती नहीं करनी चाहिए। नाम देने से रिश्तो में अपेक्षाएं बनती है। अपेक्षाएं... जो दिन-ब-दिन बढ़ती ही जाती है। और एक दिन इतनी बढ़ जाती है कि रिश्ता ही खत्म कर देती है। फिर रिश्ते यूं ही दम तोड़ देते हैं।
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