उम्मीद का सिरा

 ज़िंदगी कितनी भी मुश्किल हो उसे खूबसूरत देखना मुझे हमेशा अच्छा लगता हैं। किसी भी सूरत में वो खूबसूरत हो यह मेरी चाह रहती हैं। एक उम्मीद जिसे कभी भी मैं छोड़ना नहीं चाहती। कितना भी टूट जाऊं उम्मीद का एक सिरा है जो कभी नहीं छूटता।

Comments

Popular posts from this blog

तू संभलती नाव सा...

फिर भी प्रेम शेष हैं।

तेरा इंतज़ार करें