रब भी तेरे जैसा है माँ

 संघर्ष करते देखा तुझको, हर पल मैंने जिंदगी से;

मेरे सपनों में अपने सपने ढूंढने वाली सिर्फ तू ही माँ।


जगदंबा, शक्ति, काली नहीं तु फिर भी बहुत प्यारी है,

मेरी पक्की सहेली तेरी दोस्ती सबसे न्यारी है माँ।


शब्द कम पड़ जाते हैं, जब तेरे बारे में कुछ कहती हूं;

प्यार मेरा बढ़ जाता है जब तुझे मैं महसूस करती हूं माँ।


प्यार कभी तेरा तोला नहीं, दिया तूने उतना मेरा झोला नहीं;

रब से कोई शिकायत नहीं, तेरे जैसा मेरा कोई मौला नहीं माँ।


मेरे जीवन की आश तु ही, और तु ही सबसे खास माँ;

राज़ बताऊं आज की तु रब जैसी है, और रब भी तेरे जैसा माँ!


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